14 जनवरी का दिन सारे भारतवर्ष के मराठों के लिए एक त्यौहार के रूप में मनाया जाना चाहिए:वीरेंद्र मराठा

मराठा जाग्रति मंच के अध्यक्ष वीरेन्द्र मराठा का कहना है कि 1761 के इतिहास पर नए सिरे से विचार की जरूरत है। उनकी ऐसी कल्पना है कि 14 जनवरी का दिन सारे भारतवर्ष के मराठों के लिए एक त्यौहार के रूप में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपनी इस कल्पना को सार्थक करने के लिए वह देश के सभी जागरूक लोगों से मिल रहे है और शौर्य स्मारक के निर्माण के लिए प्रयासरत हैं। इस समारोह में देशभर से आए हुए मराठों ने शहीद मराठा यौद्धाओं को श्रद्धांजली दी।

गौरतलब है की मराठा जाग्रति मंच हरियाणा एवं रोड मराठा एकता संग पिछले १७ वर्ष से पानीपत में बलिदान दिवस मनाते आ रहे हैं ये आंदोलन वीरेंद्र मराठा के नेतृत्व में 2001 में प्रारम्भ हुआ था जब वीरेंद्र मराठा ने रोड मराठा इतिहास की खोज की थी वीरेंद्र मराठा के प्रभावशाली नेतृत्व ने उत्तर भारत (हरियाणा पंजाब उत्तराखंड उत्तरप्रदेश और दिल्ली) में बसे मराठा समुदाय में जोश जज्बा और एक नयी उम्मंग भरने का काम किया है.

2012 में देश की राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल और तत्कालीन मुख्यमंत्री चौधरी भूपिंदर हुड्डा भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए थे हर वर्ष इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है। और मंच के अध्यक्ष वीरेंद्र मराठा चाहते हैं की ये बलिदान दिवस न सिर्फ उत्तर भारत बल्कि पुरे देश के मराठों के लिए एक त्यौहार के रूप में मनाया जाना चाहिए।

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