
पानीपत के तीसरे युद्ध के 265 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शौर्य भूमि - बसताड़ा में शौर्य दिन समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष एवं घरौंडा से माननीय विधायक श्री हरविंद्र कल्याण जी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। वहीं कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में स्वामी संपूर्णानंद जी सरस्वती, पूंडरी के पूर्व विधायक व चेयरमैन रहे हमारे भाई रणधीर गोलन जी, धर्मवीर मिर्जापुर जी (अध्यक्ष पशुधन विकास बोर्ड ) , मिलिंद पाटील जी (महाराष्ट्र के मराठा जागृति मंच के अध्यक्ष ) , सुरेश फौजी सरपंच बसताडा, राजेश कल्याण कुटेल ( मराठा जागृति मंच के संस्थापक सदस्य) ने शिरकत की |
यह हमारे लिए बड़े सौभाग्य की बात है कि कार्यक्रम की शुरुआत गुरु ब्रह्मानंद आश्रम कुरुक्षेत्र से साध्वी देवी मैत्रैयी आनंद व साध्वी देवी सरला जी द्वारा हवन यज्ञ करके की गई | कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एंव हरियाणा विधानसभा के अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने कहा कि 14 जनवरी 1761 को इसी मैदान में जहां हम आज हम उपस्थित हैं एक भयंकर युद्ध हुआ। एक विदेशी आक्रांता अहमदशाह अब्दाली द्वारा भारत की अस्मिता को ललकारा गया। वीर मराठों ने राष्ट्र की अस्मिता के लिए उसका दृढ़ता से सामना किया। यह हम सबके लिए गर्व का विषय है कि वीर मराठों ने राष्ट्र की अस्मिता के लिए इस भूमि को अपने रक्त से सींचकर दुश्मन को वापस अपने देश जाने पर विवश कर दिया।
14 जनवरी 1761 को इसी जगह पर मराठों और अहमदशाह अब्दाली के बीच पानीपत का तीसरा युद्ध हुआ था। यह युद्ध किसी की जीत और हार का युद्ध नहीं था। बल्कि युद्ध देश की सीमाओं और अस्मिता को बचाने के लिए लड़ा गया था, जिसमें वीर मराठों ने अपने प्राणों की अहुति दी थी, उसी वीर भूमि पर 265 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विदेश और देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे हज़ारों मराठों और रोडमराठा समाज ने अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
जय शिवराय |







